केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना (NMMSS) को आगे जारी रखने के प्रस्ताव की समीक्षा की है। यह प्रस्ताव वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक योजना को जारी रखने से जुड़ा है।
राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना (NMMSS) को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने योजना को आगे जारी रखने के प्रस्ताव की समीक्षा की है। प्रस्ताव के तहत इसे 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने पर विचार किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देकर उनकी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना और स्कूल छोड़ने की समस्या को कम करना है।
इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में योजना के भविष्य और इसके प्रभाव पर चर्चा की गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता देना है।
राष्ट्रीय मीन्स-कम-मेरिट छात्रवृत्ति योजना क्या है?
NMMSS केंद्र सरकार की एक छात्रवृत्ति योजना है। इसका उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की मदद करना है जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और पैसों की कमी के कारण उनके स्कूल छोड़ने का खतरा हो सकता है।
योजना के तहत विद्यार्थियों को कक्षा 9 से आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। हर साल कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए एक लाख नई छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं। निर्धारित शर्तें पूरी करने पर छात्रवृत्ति को कक्षा 10, 11 और 12 तक जारी रखा जा सकता है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत चयनित विद्यार्थियों को हर साल ₹12,000, यानी लगभग ₹1,000 प्रति माह की सहायता मिलती है।
NMMSS के लिए पात्रता
- विद्यार्थी कक्षा 8 में किसी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय के स्कूल में पढ़ रहा हो।
- विद्यार्थी को योजना में निर्धारित आर्थिक एवं शैक्षणिक पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।
- परिवार की वार्षिक आय योजना में तय निर्धारित आय सीमा के भीतर होनी चाहिए।
- विद्यार्थी को संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा आयोजित चयन परीक्षा में आवश्यक योग्यता हासिल करनी होगी।
- छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए निर्धारित शैक्षणिक प्रदर्शन मानदंड पूरे करने जरूरी हैं।
- पात्र विद्यार्थियों को कक्षा 9 से कक्षा 12 तक छात्रवृत्ति जारी रखने के लिए नवीनीकरण की शर्तें पूरी करनी होती हैं।
- मौजूदा नियमों के अनुसार निजी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों के विद्यार्थी इस योजना के दायरे में नहीं आते।
योजना का विद्यार्थियों पर प्रभाव
स्कूल छोड़ने की समस्या कम करने में मदद: आर्थिक सहायता मिलने से कमजोर आर्थिक स्थिति वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
परिवारों का आर्थिक बोझ घटता है: छात्रवृत्ति से विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करने में परिवारों को कुछ राहत मिल सकती है।
मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन: योजना में मेरिट और पात्रता को महत्व दिया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलती है।
शिक्षा में समान अवसर: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलता है।
कक्षा 12 तक पढ़ाई पूरी करने में सहायता: छात्रवृत्ति के नवीनीकरण की व्यवस्था विद्यार्थियों को माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी करने में मदद कर सकती है।
2026-27 से 2030-31 तक विस्तार क्यों महत्वपूर्ण है?
NMMSS की मौजूदा स्वीकृति अवधि 2021-22 से 2025-26 तक रही है। अब इसे अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने का प्रस्ताव समीक्षा के चरण में है।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के योग्य विद्यार्थियों को आगे भी छात्रवृत्ति सहायता मिलती रहेगी। इससे पढ़ाई बीच में छोड़ने की समस्या को कम करने और जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, फिलहाल यह ध्यान रखना जरूरी है कि 2026-27 से 2030-31 तक योजना जारी रखने का प्रस्ताव समीक्षा में है और अंतिम मंजूरी की घोषणा अलग से की जानी है।
